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नयी दिल्ली, विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों ने2030 तक क्षय रोग पूरी तरह समाप्त करने का आज संकल्प लिया और इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत ने अपना समर्थन देने का उन्हें आश्वासन दिया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली टीबी उन्मूलन शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया था और वैश्विक लक्ष्य से पांच साल पहले2025 तक भारत को क्षयरोग से मुक्त करने की इच्छा और संकल्प का इजहार किया था । इस सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले देशों ने दिल्ली टीबी उन्मूलन शिखर सम्मेलन में स्टेटमेंट आफ एक्शन पर हस्ताक्षर किया । इसमें सरकारों से क्षयरोग की योजनाओं पर काम करने के लिए बजट और मानव संसाधन आवंटन बढाने के बारे में कहा गया है ताकि इसके लिए धन का कोई अभाव नहीं हो ।

स्टेटमेंट आफ एक्शन में इस बात पर चिंता जतायी गयी है कि सबसे कम बोझ वाले देशों ने अभी तक टीबी के शुरुआती उन्मूलन के लिए ठोस कदम नहीं उठाए हैं । कार्यक्रम में भाग ले रहे विश्व स्वास्थ्य संगठन के डीजी टेडरोस ए. गेब्रेयस ने कहा, ‘‘ यह लड़ाई नर्सों, डॉक्टरों, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मचारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वालों द्वारा जीती जाएगी। हमें उन्हें संसाधन मुहैया कराना चाहिए, उन्हें टीबी से ग्रस्त अंतिम व्यक्ति का भी पता लगाना है, उनकी बीमारी की पुष्टि करनी है, उनका इलाज करना है और उन्हें स्वस्थ बनाना है।’’ दिल्ली टीबी उन्मूलन शिखर सम्मेलन का आयोजन भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्टॉप टीबी पार्टनरशिप ने संयुक्त तत्वाधान में किया था। इसमें श्रीलंका, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, नाइजीरिया, मोजाम्बिक, जिम्बाबवे, कजाख्स्तान और पेरू भी हिस्सा ले रहे हैं।

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