जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस (3 जुलाई) के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
गहलोत ने कहा कि वर्तमान दौर में समावेशी और सतत विकास की जिस अवधारणा को सम्पूर्ण विश्व में मान्यता मिली है, उसे सहकार भाव को अपनाकर ही मूर्त रूप दिया जा सकता है। ऎसे में, सहकारिता आंदोलन को अधिक गति देने की आवश्यकता है। राजस्थान में सहकारी संस्थाओं ने कृषि तथा दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए सहकारिता समितियों के सुदृढ़ीकरण तथा नवीन समितियों के गठन सहित अनेक कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौर में मानव समाज के सामने नई आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां उभरी हैं। विश्व समाज सहकार भाव से एक साथ जुड़कर इन चुनौतियों का सामना कर सकता है। इसी भावना के दृष्टिगत 99वें अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस का प्रेरक वाक्य ‘उत्तम पुर्ननिर्माण के लिए एक साथ’ रखा गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रदेशवासी तथा राज्य सरकार भी इस संदेश के अनुरूप एक-दूसरे के पूरक के रूप में राजस्थान में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।

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